शुक्र. जुलाई 24th, 2026

श्रेणी: Devotional

आदि अनादि अनंत अखंड – शिवाष्टक स्तोत्र – Shivashtakam Stotram (Lyrics in Hindi)

आदि अनादि अनंत अखंडअभेद अखेद सुवेद बतावै।अलख अगोचर रूप महेस कौजोगी जती मुनि ध्यान न पावै॥ आगम निगम पुराण सबैइतिहास सदा जिनके गुण गावै।बड़भागी नर-नारि सोईजो सांब सदाशिव कौ नित…

Sankatmochan Hanuman Ashtak – संकटमोचन हनुमानाष्टक

संकटमोचन हनुमान अष्टक (Sankatmochan Hanuman Ashtak), गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित एक अत्यंत प्रभावशाली स्तोत्र है जो भगवान श्री हनुमान जी की महिमा का गुणगान करता है। बाल समय रबि…

Kanak Dhara Stotram (Hindi) – कनकधारा स्तोत्र

आदि शंकराचार्य जब छोटे बालक थे, एक बार भिक्षा मांगते समय एक अत्यंत निर्धन स्त्री ने उन्हें एक सुखी आँवला (सूखा आँवला) भेंट किया। शंकराचार्य उस स्त्री की निश्छल भक्ति…

Shree Kanak Dhara Stotram (Sanskrit) – श्री कनकधारा स्तोत्रम्

कनकधारा स्तोत्र (Kanak Dhara Stotram) का पाठ करने से धन, समृद्धि, सुख-शांति और भाग्य में वृद्धि होती है। यह स्तोत्र माँ लक्ष्मी को प्रसन्न करने वाला अत्यंत प्रभावशाली स्तोत्र है।…

अक्षय तृतीया: सौभाग्य, समृद्धि और शुभ आरंभ का पर्व

अक्षय तृतीया, जिसे ‘आखातीज’ भी कहा जाता है, हिंदू पंचांग के अनुसार वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है। यह दिन अत्यंत पवित्र, शुभ और…

श्री शिव चालीसा | Shiv Chalisa Lyrics in Hindi

॥ दोहा ॥ जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान।कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान ॥ ॥ चौपाई ॥ जय गिरिजा पति दीन दयाला ।सदा करत सन्तन प्रतिपाला ॥ भाल…

Sankata Nashana Ganesha Stotram – संकटनाशन गणेश स्तोत्र

॥ संकटनाशन गणेश स्तोत्र ॥ प्रणम्य शिरसा देवं गौरीपुत्र विनायकम् ।भक्तावासं स्मरेन्नित्यायुष्कामार्थसिद्धये ॥१॥ प्रथमं वक्रतुण्डं च एकदन्तं द्वितीयकम् ।तृतीयं कृष्णपिङ्गाक्षं गजवक्त्रं चतुर्थकम् ॥२॥ लम्बोदरं पञ्चमं च षष्ठं विकटमेव च ।सप्तमं…

श्री रामचन्द्र कृपालु भजुमन (श्री राम स्तुति) – Shri Ram Stuti with Lyrics

॥ श्री राम स्तुति ॥ श्री रामचंद्र कृपालु भजु मनहरण भव भय दारुणम् ।नवकंजलोचन, कंज-मुखकर-कंज पद-कंजारुणम् ॥1॥ कंदर्प अगणित अमित छबि,नवनील-नीरद-सुंदरम् ।पटपीत मानहु तड़ित रुचिशुचि नौमि जनक सुता-वरम् ॥2॥ भजु…

Shiv Tandav Stotram – शिव तांडव स्तोत्रम्

॥ अथ रावणकृतशिवताण्डवस्तोत्रम् ॥ जटाटवी गलज्जल प्रवाह पावित स्थलेगलेऽव लम्ब्य लम्बिताम भुजंग तुंग मालिकाम्‌ |डमड्ड मड्ड मड्ड मन्नी नाद वड्ड मर्वयमचकार चंडतांडवम तनोतु नः शिवः शिवम || 1 || जटा…